ज़िन्दगी कहने कों तो छोटी सी चीज़ है,
पर लब्जो मे बयान नहीं होती है l
कहते है एक छोटी सी गलती,
सारी खुशीयों कों तबाह कर देती है l
जिस तरह एक माचिस तिल्ली पुरे के पुरे ,
आशियाने जला देती है और सब कुछ मिटा देती है l
इसी तरह जब ज़िन्दगी मे गम का साया भी पड़ता है,
तो वो कहाँ खुशियों कों जरा सी भी जगह देती है l
ये ज़िन्दगी है तोह बहुत छोटी सी चीज़ पर ,
हमे बहुत कुछ सिखा देती है l
ख़ुशी मैं मुस्कुराना सिखा देती है,
और गम मैं रुला देती है l
अपने पराये का भेद बता देती है,
ज़िन्दगी है तो बहुत चीज़ पर बहुत कुछ सिखा देती है ll

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