खतरों से खेलने का शोक है हमे ,
वरना तूफ़ान मैं कश्ती हम ना चलाते l
जज्बा है कुछ कर दिखाने का,
वरना कश्ती तूफ़ान से पार ना लाते l
जो डगमगा जाते कदम मेरे तूफ़ान कों देख कर,
तोह शायद हम कश्ती मैं बैठे ही लडखडाते,
तोह खुद कैसे तूफ़ान से बहार लाते l
खतरों से खेलने का शोक है हमे,
वरना तूफ़ान मैं कश्ती हम ना चलाते ll


