दिल की गहराई किसी ने ना जानी,
दुनिया हमे कहती है हमने दुनिया की ना मानी l
दिल की सुनते है हम क्यूकि इस दिल ने भी हमारी ना मानी ,
मानो रेत की तरह निकल रहा है वक़्त हाथों से ,
ज़िन्दगी ने गाई सिर्फ अपनी ही कहानी l
जैसे तैसे समझाया पागल दिल कों की किस्मत पे किसी का जोर नही,
पर वो पागल भी हमे कहता है क्या तू कमजोर नहीं l
जो सुनता इस दिल की तू दिल से ए- दोस्त ,
तोह सब कुछ प् लेता तू ए मेरे दोस्त l
पर तूने भी इस दुनिया की तरह गाई
किस्मत की कहानी ,
दिल की गहराई किसी ने ना जानी ll

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