Friday, 21 August 2015

उस अजनबी से वफ़ा क्या कर दी

 


उस अजनबी से वफ़ा क्या कर दी हमने ,


हमारा जीवन ही बदल गया l

दे कर हमे दर्द भरा दिल वो बेखबर ,

ख़ुशी से चल दिया l

उस से भी गिला नहीं हमे ,

जो वोह दिल से खेल के चल दिया l

खफा तोह हम है अपने इस दिल से ,

जो उस अजनबी बेवफ़ा के लिए खुद से ही लड़ गया ,

जो सुनते ना इस दिल की तोह आज ,

हम भी आबाद होते ना रोते हम ,


उस बेवफ़ा के लिए अगर हम भी बेवफ़ा होते ll

Wednesday, 19 August 2015

आँखों से बहते आंसू का हिसाब हम भी ले सकते थे .........


 आँखों से बहते आंसू का हिसाब हम भी ले सकते थे ,

पर दर्द ए –दिल का हिसाब कैसे लेते l

जो करते हुम भी बेवफाई तोह खुद से क्या कहते ,

दिल से  खेलना काम नहीं है हमारा ,

वरना जिस जगह हम है तुम भी वह ही होते ,

और तुम भी बेशुमार दुःख सहते l

अगर होता ना इस दिल मैं प्यार बसा तुम्हारे लिए ,

तोह तुमे अलविदा हम कहते और तुम्हे बेवफाई सिखा देते llg

Sunday, 16 August 2015

दिल के जज्बातों कों दिल मे ही छिपा लेते है हम ..............





दिल के जज्बातों कों दिल मे ही छिपा लेते है हम ,

अपने इन आंसू कों खुद की पलकों मैं ही छिपा लेते है हम l

बस एक ही गिला है इन आसुओ से मेरी ए दोस्त ,

की ना बहना इन आँखों से ए मेरे दोस्त l


क्या पता मेरे ये आंसू कर जाए किसी अपने की आँखे नम ll