Wednesday, 26 August 2015

वक़्त वक़्त का फेर है ए मेरे दोस्त .................






ज़िन्दगी ने इस कदर जीना सिखा दिये हमें,

की चोट खा कर भी हम हस्ते है ए दोस्त l

जो ना दिए होते गम ज़िन्दगी ने ,

तोह मौज हम भी उड़ा सकते थे ए दोस्त l

वक़्त वक़्त का फेर है ए मेरे दोस्त ,

बड़ा तू भी है और बड़ा मैं भी था ,

ए मेरे दोस्त  ll

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