Friday, 19 June 2015

WOMEN'S STORY

नारी की कहानी..


नारी





क्यों नारी की है यह कहानी,
दर्द भरी है उसकी जिंदगानी,
गैरों ने न ही अपनों ने उसकी मानी,
क्यों उसने ही दी हर क़ुरबानी,
दर्द सह कर भी जिए जा रही है वो बेचारी,
फिर भी उसकी नहीं मानते ये,
और खुद को समझते है जग के ज्ञानी ll
वो त्याग न देती तो अधूरी ही रह,
जाती इनकी मनमानी,
फिर क्यों कर दी तुमने नारी की,
ये जिंदगानी ll 
फिर भी कहते है की,
नारी ने की है अपनी ही मनमानी,
तो क्यों नहीं जीने देते ढंग से,
नारी को भी उसकी जिंदगानी ll
क्यों की नारी भी एक इन्सान है,
उसके भी अपनी जिंदगानी,
जीने के कुछ अरम्मान है,
साथ दो उसका उसके जीवन को,
बेहतर बनाने में,
नहीं दे सकते अगर साथ उसका,
तो छोड़ दो उसको उसके पैरों पर,
उसको खुद ही अपना बेहतर भविष्य बनाने के लिए ll

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