Friday, 14 August 2015

दोस्ती सूरत से नहीं सीरत से होती है...............



दोस्ती सूरत से नहीं सीरत से होती है ए मेरे दोस्त,

जो सूरत से हो वोह दोस्ती ही नहीं है ए मेरे दोस्त l

दोस्ती तोह नाम है ज़िन्दगी का ,

ज़िन्दगी तोह दिल से जी जाती है ए मेरे दोस्त,

दिल से हो ऐतबार हमे जिस पर वही कहलाता है दोस्त l

दोस्ती नाम नहीं रस्मो का कसमो का ये तोह वो रिश्ता है,

जो सिर्फ और  सिर्फ दिल से ही जिया जाता है ए दोस्त ll


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